मूळ हिंदी गीतः मजरूह सुलतानपुरी, संगीतः एस.डी.बर्मन, गायकः आशा भोंसले, मोहम्मद रफी
चित्रपटः बंबई का बाबू, सालः १९६०, भूमिकाः देव आनंद, कल्पना कार्तिक
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २०१८०४०४
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धृ
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प म ग, म रे ग, प म ग म
सां नी ध प म ग रे सा नी नी नी दीवाना मस्ताना, हुआ दिल जाने कहाँ हो के बहार आई |
प म ग, म रे ग, प म ग म
सां नी ध प म ग रे सा नी नी नी
वेडेची खुळे झाले माझे मन
जाणे कुठूनशी बहार आली
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१
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तन को छुए, छुए घट काली
छेड़े लहर, लहर मतवाली बात कोई अनजाना दीवाना मस्ताना |
शरीरा माझ्या स्पर्शे रात काळी
पसरे लहर, लहर भवताली
झाले अजाण खरे ते
वेडेची खुळे झाले
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२
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कुछ अनकही, कहे, मेरी चितवन
बोले जिया, लिखे मेरी धड़कन एक नया अफ़साना दीवाना मस्ताना |
बोल अबोलीचे, वदे माझी दृष्टी
बोले मन हे, लिहे माझे स्पंदन
एक नवीन कहाणी
वेडेची खुळे झाले
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॥
३
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सावन लगा, मचल गए बादल
देखो जिसे हुआ वही पागल कौन हुआ दीवाना दीवाना मस्ताना |
सर लागली, उसळले वारिद
पाहा जे जे, खुळे तेच झाले
कोण बरं वेडावले
वेडेची खुळे झाले
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