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२०२१-०५-०९

गीतानुवाद-१९२: मिल गये मिल गये

मूळ हिंदी गीत: हसरत जयपुरी, संगीतः शंकर-जयकिसन, गायीकाः लता
चित्रपटः कन्यादान, सालः १९६८, भूमिकाः शशी कपूर, आशा पारेख

मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००८०७२४ 

धृ

मिल गये मिल गये
आज मेरे सनम
आज मेरे जमीं पर
नहीं हैं कदम

भेटले, भेटले
आज 'ते' भेटले
आज माझे न पाऊल
भुईवर ठरे

१

ऐ नज़ारो ज़रा
काम इतना करो
तुम मेरी माँग में
आज मोती भरो
इक उजाला हुआ
ढल गई शाम-ए-ग़म
आज मेरे ज़मीं पर
नहीं हैं कदम

सृष्टीसौंदर्या कर
आज तू एवढे
लेणे सौभाग्याचे
सूत्र मंगल तू दे
उजळली एक प्रभा
शोकरजनी सरे
आज माझे न पाऊल
भुईवर ठरे

२

वो कहाँ छुप रहे थे
मैं हैरान थी
मेरी सदियों से उनसे
ही पहचान थी
ऐसे क़िस्से ज़माने में
होते हैं कम
आज मेरे ज़मीं पर
नहीं हैं कदम

हरपले ते कुठे
संभ्रमी मी उरे
किती शतकांपासून
त्यांस मी ओळखे
असले किस्से जगी
क्वचित घडती खरे
आज माझे न पाऊल
भुईवर ठरे

३

उम्र भर की तड़प
को करार आ गया
उनसे आँखें मिलीं
मुझको प्यार आ गया
याद करती रही मैं
उन्हें दम ब दम
आज मेरे ज़मीं पर
नहीं हैं कदम

आस आयुष्याची
तृप्त ही जाहली
होता नजरानजर
प्रीत ये दाटूनी
त्यांस श्वासागणिक
मी स्मरू लागले
आज माझे न पाऊल
भुईवर ठरे

https://www.youtube.com/watch?v=FdeON8jf0Gs