गीतानुवाद-१८३: हम ने जफ़ा न लेबल असलेली पोस्ट दाखवित आहे. सर्व पोस्ट्‍स दर्शवा
गीतानुवाद-१८३: हम ने जफ़ा न लेबल असलेली पोस्ट दाखवित आहे. सर्व पोस्ट्‍स दर्शवा

२०२१-०२-०६

गीतानुवाद-१८३: हम ने जफ़ा न सीखी

मूळ हिंदी गीतः हसरत जयपुरी, संगीतः शंकर-जयकिसन, गायकः मोहम्मद रफी
चित्रपटः जिंदगी, साल: १९६४, भूमिकाः राजेंद्रकुमार 

मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००८१०१७

धृ

हम ने जफ़ा न सीखी
उनको वफ़ा न आयी
पत्थर से दिल लगाया
और दिल ने चोट खाई

शिकली न वंचना मी
प्रिती तिला न आली
मन वाहिले शिळेवर
त्याला इजाच झाली

१

अपने ही दिल के हाथों
बरबाद हो गये हम
किससे करें शिकायत
अब किसको दें दुहाई

आपल्या मनाच्या-हस्ते
पुरता मी नष्ट झालो
तक्रार करू कुणाशी
विनवू कुणा कुणा मी  

२

दुनिया बनाने वाले
मैं तुझसे पूछता हूँ
क्या प्यार का जहाँ में
बदला है बेवफ़ाई

हे सृष्टी-सृजनकर्त्या
पुसतो तुलाच हे मी
प्रेमास का जगी या
मिळते कृतघ्नता ही


https://www.youtube.com/watch?v=T0gQgfXBIY8