मूळ हिंदी गीतः हसरत जयपुरी, संगीतः शंकर जयकिसन, गायकः लता
चित्रपटः बरसात, सालः १९४९, भूमिकाः राज कपूर, नर्गिस,
निम्मी, प्रेमनाथ, कक्कू
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २०२५०४१८
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धृ
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पतली कमर है तिरछी नज़र है खिले फूल सी तेरी जवानी कोई बताये कहाँ क़सर है ओ, आजा
मेरे मन चाहे बालम आजा तेरा आँखों में घर है
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सिंहकटी तू तिरपी नजर तू फुलापरी तव यौवन खुलले कुणीही सांगा कुठे कसर आहे ओ, येरे माझ्या प्रिय राजसा या डोळ्यांतच तुझे घर आहे
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१
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मैं चंचल मद्मस्त पवन हूँ झूम झूम हर कली को चुमूँ बिछड़ गयी मैं घायल हिरणी तुमको ढूँढूँ बन बन घूमूँ मेरी ज़िंदगी मस्त सफ़र है
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मी चंचल मस्त पवन आहे उडत बागडत हर कळीस चुंबू विलग जाहले जखमी मी हरणी तुला शोधतच वनीवनी फिरू मी जीवन माझे मस्त प्रवाहच
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२
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तुम बिन नैनों की बरसातें रोक न पाऊँ लाख मनाऊँ मैं बहते दरिया का पानी खेल किनारों से बढ़ जाऊँ बँध न पाऊँ नया नगर नित नयी डगर है
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तुजविण नेत्रांची वर्षा हो रोखू न शकते लाख प्रयासे मी ओघवत्या नदीचे पाणी खेळत किनार्यांशी मी जाऊ न बद्ध होऊ नवे नगर नित नवा पंथही
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