मूळ हिंदी गीतकार: राजेंद्र कृष्ण, संगीत: मदनमोहन, गायिका:
गीता दत्त
चित्रपट: भाई भाई, साल:१९५६, भूमिका: अशोककुमार, किशोरकुमार, निम्मी, श्यामा
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००९०१२२
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धृ
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ऐ दिल मुझे
बता दे, तू किस पे आ गया है,
वो कौन है जो
आ कर, ख्वाबों में छा गया है
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मज सांग ए मना तू, मर्जी कुणावर आहे,
तो कोण असे जो येऊन,
स्वप्नी विराजताहे
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१
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मस्तीभरा तराना, क्यों
रात गा रही है,
आखों मैं नींद
आ कर क्यों दूर जा रही है
दिल में कोई सितमगर
अरमां जगा गया है, वो कौन है जो आ कर, ख्वाबों
में छा गया है
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मस्तीभरे हे गाणे का रात गातसे ही,
का झोप दूर जाते डोळ्यांत येऊनीही
अवखळ करून गेला, आशा उजागर आहे
तो कोण असे जो येऊन, स्वप्नी विराजताहे
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२
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बेताब हो रहा है, ये दिल मचल मचल के,
शायद ये रात बीते करवट बदल बदल
के
ऐ दिल जरा संभल जा, शायद वो आ गया है,
वो कौन है जो
आ कर, ख्वाबों में छा गया है
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बेकाबू होत आहे, मन हे उचंबळून,
बहुतेक रात जाईल, कुशीवर वळू वळून
सावर जरा मना तू, बहुधा आलेला आहे,
तो कोण असे जो येऊन,
स्वप्नी विराजताहे
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॥
३
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भीगी हुई हवाए, मौसम भी है गुलाबी,
क्या चाँद क्या सितारे, हर चीज है शराबी
धीरे से एक नगमा कोई सुना गया है,
वो कौन है जो
आ कर, ख्वाबों में छा गया है
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सारी हवाच सर्द, ऋतू रंगला गुलाबी,
तो चंद्र, चांदणे ते, मयसृष्टी
धुंद सारी
ऐकवून कुणी गेला, गाणे हळूच आहे,
तो कोण असे जो येऊन,
स्वप्नी विराजताहे
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