मूळ हिंदी गीतः मजरूह, संगीतः रोशन, गायकः लता, रफी
चित्रपटः आरती, सालः १९६३, भूमिकाः मीना कुमारी, अशोक कुमार, प्रदीप कुमार
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००८०८१०
|
धृ |
अब क्या मिसाल दूँ
मैं तुम्हारे शबाब की |
उपमा कशाची देऊ तुझ्या यौवनास मी |
|
१ |
चेहरे में घुल गया
है हसीं चाँदनी का नूर |
चेहर्यात उसळले हे रम्य चांदण्याचे तेज |
|
२ |
गेसू खुले तो शाम
के दिल से धुआँ उठे |
झाले खुले जर केस, तर का सांज धुसफुसे |
|
३ |
दीवार-ओ-दर का रंग, ये आँचल, ये पैरहन |
हा घराचा रंग, ही सुरवार, हा पदर |