मूळ हिंदी गीत: जावेद अन्वर, संगीत: उषा खन्ना, गायक: मुकेश
चित्रपट: शबनम, साल: १९६४, भूमिका: महमुद, विजयालक्ष्मी, हेलन, जीवन, मुखरी, मोहन चोटी, श्याम
मराठी अनुवाद: नरेंद्र गोळे २००६०९२१
तेरी निगाहों पे मर-मर गए हम!
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तुझ्या डोळ्यांवरती मी भाळलो ग !
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॥
धृ
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तेरी निगाहों पे मर-मर गए हम,
बाँकी अदाओं पे मर-मर गए हम
क्या करें, क्या करें, क्या करें
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तुझ्या डोळ्यांवरती मी भाळलो ग
अवखळ लकबींवरती मी भाळलो ग
काय करू, काय करू, काय करू
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॥
१
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ज़ुल्फ़ों में लेके सारी रात चले
सारा ज़माना लिए साथ चले
ऐसे में जीने का मज़ा है सनम
आँखों से तेरी-मेरी बात चले
बेवफ़ा एक निगाह, देख ले देख भी ले
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घेऊन केसांत
काळी रात्र चलू
सार्या
जगाला घेऊन साथ चलू
अशा जगण्यातच
मजा आहे सये
नेत्रपल्लवीत
हितगूज करू
वंचिके, बघ तरी, एकदा, एकवार
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॥
२
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तेरी अदा का तो जवाब नहीं
मेरी वफ़ा का भी हिसाब नहीं
सूरत तुम्हारी बड़ी खूब सही
दिल तो हमारा भी खराब नहीं
बेवफ़ा एक निगाह, देख ले देख भी ले
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तुझ्या तोर्यास उपमा न मुळी
प्रेमाचा माझ्याही न थांग मुळी
सुंदर खूप तुझा चेहरा असो
अंतर माझेही, वाईट नाही
वंचिके, बघ तरी, एकदा, एकवार
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