ऐ फुलों की रानी
मूळ हिंदी गीत: हसरत जयपुरी, संगीत: शंकर जयकिसन, गायक: महंमद रफी
चित्रपट: आरजू, भूमिका: राजेंद्रकुमार, साधना, फिरोझखान
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००६०६१६
अक्र
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ऐ फुलों की रानी
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ए सुमनांचे राणी
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॥
धृ
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ऐ फुलों की रानी, बहारों की मलिका
तेरा मुस्कुराना, गजब हो गया
न दिल होश में है, न हम होश में हैं
नजर का मिलाना गजब हो गया
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ए सुमनांचे राणी, बहर स्वामिनी तू
तुझे स्मितहास्य, कहर जाहले
न मन शुद्धीवर अन्, नसे शुद्धीवर मी
कटाक्षांचे मिलन, कहर जाहले
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१
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तेरे होठ क्या हैं, गुलाबी कंवल हैं
ये दो पत्तियाँ प्यार की इक गजल है
वो नाजुक लबों से, मुहब्बत की बातें
हमीं को सुनाना, गजब हो गया
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तुझे ओठ की, पद्म कोमल गुलाबी
ह्या दो पाकळ्या, प्रेमकविता जणू की
त्या पाकळ्यांनी, तव स्नेहार्द्र गूज
मला ऐकविणे, कहर जाहले
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॥
२
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कभी खुल के मिलना, कभी खुद झिझकना कभी रास्तों पे बहकना, मचलना
ये पलकों की चिलमन, उठाकर गिराना गिराकर उठाना गजब हो गया
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कधी मुक्त मिलन, कधी संकोचणे ते
कधी चालतांना, बिथरणे, उसळणे
हे भुवयांची महिरप, चढवून उतरणे
उतरून चढविणे, कहर जाहले
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॥
३
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फ़िजाओं में ठंडक, घटा भर जवानी
तेरे गेसुओं की, बडी मेहेरबानी
हर एक पेंच में सैंकडो मैकदे हैं
तेरा लडखडाना गजब हो गया
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ही थंडी हवेतील, वयातील ही रात्र
तुझ्या कुंतलांची, कृपा केवढी ही
ही प्रत्येक बट जणू, शत गंधकोशी
तुझे धुंद होणे, कहर जाहले
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