मूळ गीतकार: शैलेंद्र, संगीत: शंकर-जयकिसन, गायक: लता
चित्रपट: आम्रपाली, साल: १९६६, भूमिका: सुनील दत्त, वैजयंतीमाला, प्रेमनाथ
मराठी अनुवाद: नरेंद्र गोळे २००७०२०३
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धृ |
जाओ रे, जोगी तुम जाओ रे |
जा रे जा योग्या तू निघून जा |
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१ |
प्रेम की पीड़ा सच्चा
सुख है |
प्रेमाची पीड़ा सच्चे सुख रे |
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२ |
जीवन से कैसा छुटकारा |
जीवनातूनी कशी सुटका रे |
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३ |
ज्ञान कि तो है सीमा
ज्ञानी |
ज्ञान्या असे ज्ञानाला सीमा |