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२०१२-०३-२९

गीतानुवाद-००१: तेरे खयालों में हम

 मूळ हिंदी गीतः हसरत, संगीतः रामलाल, गायकः आशा
चित्रपटः गीत गाया पत्थरों ने, सालः १९६४, भूमिकाः राजश्री, जितेंद्र 

मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००९०९०६

 

 

 

धृ

तेरे खयालों में हम, तेरे ही बाहों में हम
अपने हैं दोनो जहाँ, ओ जान-ए-बेखुदी यहाँ

तव चिंतनातही मी, बाहुंतही तव मीच मी
माझीच दोन्ही घरे, ए प्रियकरा ही इथे

१

यूँ रोशनी भोर की, पलकों में तेरे छुपी
जब आँख खोलेगा तू, पुतली में होंगे हमीं
हम हैं कला की जगह, आँखों में तेरे रवन

जणू दिप्ती पहाटेसची, नेत्रांत तव हरपली
उघड लोचने तू तुझी, पुतळ्यांत असणार मी
मी आहे, कला ज्या स्थळी, नेत्रांत तुझिया उभी

२

मदभर चंचल ये शाम, देती है तुझको पयाम
पत्थर से कर शायरी, तुझको हमारा सलाम
तू है जहाँ हम वहाँ, झूमे ज़मीं आस्मां

मदनमस्त चंचल ही सांज, संकेतच देते तुला
दगडांत कर शायरी, वंदन मी करते तुला
तू अससी, तेथ मी, नाचे ही भू-आसमान