गीतः फरुखकैसर, संगीतः लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, गायिकाः कमल बारोट, लता मंगेशकर
चित्रपटः पारसमणी, सालः १९६३, भूमिकाः महिपाल, गीतांजली
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००६०३२३
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धृ
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हँसता हुआ नूरानी चेहरा
काली जुल्फे रंग सुनहरा
तेरी जवानी तोबा, तोबा
दिलरुबा दिलरुबा
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हसरा पुरा ओजस्वी चेहरा
कृष्ण कुंतले, वर्ण सुवर्णा
दिव्ययौवना, रूपसुंदरा
दिलवरा दिलवरा
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१
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पहिले तेरी आँखो ने
लुट लिया दूर से
फिर ये सितम हम पे
की देखना गुरूर से
ओ दीवाने, तू क्या जाने
दिल की बेकरारीयाँ हैं क्या
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पहिले जादू केली
तुझ्या नयनांनी दूरूनी
मग हा जुलुम मजवर,
की जरबेची ही नजर
ए शहाण्या, तुज कळे का
मन न आवरे मुळी ते का
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२
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जी भर के तडपा ले
जी भर के वार कर
सब कुछ गंवारा हैं
थोडासा प्यार कर
तू ही दिल में
दिल मुष्किल में
अब न दिल की मुष्किले बढा
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मनसोक्त त्रास दे
मनसोक्त वार कर
सारे क्षम्य आहे
पण थोडेसे प्रेम कर
तूच अंतरी
अंतर अडचणीत
वाढवी न तू त्या अडचणी
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