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२०२२-१२-१९

गीतानुवाद-२६३: लागा चुनरी में दाग

मूळ हिंदी गीतः साहिर, संगीतः रोशन, गायकः मन्ना डे
चित्रपटः दिल ही तो है, सालः १९६३, भूमिकाः राज कपूर नूतन 

मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २००८०८०९

धृ

लागा चुनरी में दाग, छुपाऊँ कैसे
लागा चुनरी में दाग
चुनरी में दाग, छुपाऊँ कैसे, घर जाऊँ कैसे

पडला पदरी कलंक, लपवू कैसा
पडला पदरी कलंक
पडला कलंक, लपवू कैसी, घरी जाऊ कैसी

हो गई मैली मोरी चुनरिया
कोरे बदन सी कोरी चुनरिया
आ जाके बाबुल से, नज़रें मिलाऊँ कैसे
घर जाऊँ कैसे

पदर कलंकित झाला माझा
कोर्‍या तनुवत पदर तो कोरा
आ जाऊन वडिलांना देऊ नजर कैसी
घरी जाऊ कैसी

भूल गई सब बचन बिदा के
खो गई मैं ससुराल में आके
आ जाके बाबुल से, नज़रे मिलाऊँ कैसे
घर जाऊँ कैसे

वचने विसरले पाठवणीची
येऊन हरपले मी सासरासी
आ जाऊन वडिलांना देऊ नजर कैसी
घरी जाऊ कैसी

कोरी चुनरिया आत्मा मोरी
मैल है माया जाल
वो दुनिया मोरे बाबुल का घर
ये दुनिया ससुराल
हाँ जाके, बाबुल से, नज़रे मिलाऊँ कैसे
घर जाऊँ कैसे

कोरा पदर जणू आत्माच माझा
मळ जणू माया जाल
ती दुनिया माझ्या वडिलांचे घर
ही दुनिया सासुरवाड
आ जाऊन वडिलांना देऊ नजर कैसी
घरी जाऊ कैसी

आ आ~
धीम त न न न दिर दिर तानुम
ता न देरे न
धीम त न न न दिर दिर तान, धीम त देरे न
सप्त सुरन तीन ग्राम बंसी बाजी
दिर दिर तानी, ता नी नी द
नी द प म, प म म ग
म ध ग म म ग रे स
ध ध केटे ध ध ध केटे ध ध केट ध केट
धरत पाग पड़त नयी परण
झाँझर झनके झन नन झन नन
दिर दिर त तूम त द नी, त न न न त न न न
धीम त न न न न दिर दिर ताम

आ आ~
धीम त न न न दिर दिर तानुम
ता न देरे न
धीम त न न न दिर दिर तान, धीम त देरे न
सप्त सुरन तीन ग्राम बंसी बाजी
दिर दिर तानी, ता नी नी द
नी द प म, प म म ग
म ध ग म म ग रे स
ध ध केटे ध ध ध केटे ध ध केट ध केट
धरत पाग पड़त नयी परण
झाँझर झनके झन नन झन नन
दिर दिर त तूम त द नी, त न न न त न न न
धीम त न न न न दिर दिर ताम