मूळ हिंदी गीतः जान निस्सार अख्तर, संगीतः जयदेव, गायीकाः लता
चित्रपटः प्रेमपर्वत, सालः १९७३, भूमिकाः
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ये दिल और उनकी निगाहों के सायें |
हृदय आणि त्याच्या, नजर सावल्या त्या |
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पहाडों को चंचल किरण चुमती हैं |
पहाडांना चंचल किरण स्पर्शतात |
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लिपटते हैं पेडों से बादल घनेरे |
बिलगतात वृक्षांना मेघ भारलेले |
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धडकते हैं दिल कितनी आझादीयों से |
मुभा लाभल्याने, हरखती मने ती |