मूळ हिंदी गीत: हसन कमाल, संगीतकार: रवी, गायिका: सलमा आगा
चित्रपट: निकाह, सालः १९८२, भूमिकाः राज बब्बर, सलमा आगा
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २०२१०७१५
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धृ |
दिल के अरमा आँसुओ में बह
गये |
अंतर्रीरादे अश्रुंतची वाहून गेले |
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१ |
जिंदगी एक प्यास बन कर रह
गयी |
जीवनही तहान होऊन राहिले |
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२ |
शायद उनका आखरी हो ये
सितम |
हा बहुधा अखेरचा त्याचा गुन्हा |
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३ |
खुद को भी हम ने मिटा
डाला मगर |
मी स्वतःला संपवलेही पण तरी |