मूल हिंदी गीत: मजरूह, संगीतः ओ.पी. नय्यर, गायकः आशा
चित्रपटः
मेरे सनम, सालः १९६५, भूमिकाः
विश्वजीत, आशा पारेख, मुमताझ, प्राण
मराठी
अनुवादः नरेंद्र गोळे २००९०५२९
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धृ |
ये है रेशमी ज़ुल्फ़ों का अन्धेरा ना घबराइये चले आइये |
हा आहे रेशमी, |
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१ |
सुनिये तो ज़रा जो हक़ीकत है कहते हैं हम खुलते रुकते इन रंगीं लबों की क़सम जल उठेंगे दिये जुगनुओं की तरह ये तबस्सुम तो फ़रमाइये |
ऐक रे, हे पहा |
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२ |
प्यासी, है नज़र ये भी कहने की है बात क्या तुम हो मेहमां तो ना ठहरेगी ये रात क्या रात जाये रहें आप दिल में मेरे अरमां बन के रह जाइये |
तहानली, ही नजर |