मूळ हिंदी गीतः राजिन्दर कृष्ण,
संगीतकारः सी. रामचंद्र, गायकः हेमंत कुमार,
लता मंगेशकर
चित्रपटः अनारकली, सालः १९५३, भूमिकाः
बिना रॉय, प्रदीपकुमार
मराठी अनुवादः नरेंद्र गोळे २०२४०१२४
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धृ
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जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग दिल को बेक़रार कर छेड़ के आँसुओं का राग जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग
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ऊठ प्रीतिवेदने ग मनास तू अस्वस्थ कर छेडुन आज अश्रुराग ऊठ प्रीतिवेदने ग
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१
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आँख ज़रा लगी तेरी सारा जहान सो गया ये ज़मीन सो गई आसमान सो गया सो गया प्यार का चिराग़ जाग, जाग, जाग, जाग
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नेत्र जरा मिटले तसे विश्व झोपले इथे जमीन झोपली तशी झोपले आकाशही निजला तसाच प्रीतिदीप ऊठ, ऊठ, ऊठ, ऊठ
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२
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किसको सुनाऊँ दास्तां किसको दिखाऊँ दिल के दाग़ जाऊँ कहाँ कि दूर तक जलता नहीं कोई चिराग़ राख बन चुकी है आग जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग
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कुणाला सांगू झाले काय कुणास दावू मनिचे डाग जाऊ कुठे कि दूरवर दिवा जळे न कोणताच राख झाली सारी आग ऊठ प्रीतिवेदने ग
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३
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ऐसी चली हवा-ए-ग़म ऐसा बदल गया समा रूठ के मुझ से चल दिये मेरी खुशी के कारवां डस रहें हैं ग़म के नाग जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग
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दुःख असे हे सर्वदूर किती बदलले आसपास रुसून गेले माझ्यावर माझ्या खुशीचे सार्थवाह दंशती हे दुःखनाग ऊठ प्रीतिवेदने ग
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